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मंदिर निर्माण हेतुआह्वान!

उत्तरकाशी की पवित्र भूमि पर नया पशुपतिनाथ मंदिर निर्माणाधीन है।

इस मंदिर का उद्देश्य भगवान शिव-पशुपतिनाथ की महिमा को दूर-दूर तक फैलाना है। लेकिन इस दिव्य कार्य को पूर्ण करने के लिए हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। मंदिर निर्माण में यथाशक्ति सहयोग करके पुण्य के भागी बनें । 


₹ 51,000

स्तंभ दान

“आपका स्तंभ दान मंदिर की नींव को स्थायी शक्ति देगा।”

₹ 11,000

वर्ग फुट दान

“हर वर्ग फुट दान से मंदिर का आँगन श्रद्धा से भर जाएगा।”

₹ 5,100

निर्माण सामग्री दान

“निर्माण सामग्री दान से मंदिर की दीवारें भक्ति की गूँज बनेंगी।”

मंदिर निर्माण – दिव्य स्वप्न और संकल्प

गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी को भगवान शिव से एक दिव्य स्वप्न में आदेश मिला कि उत्तरकाशी की पवित्र भूमि पर उनके नाम से एक भव्य पशुपतिनाथ मंदिर का निर्माण किया जाए। इस दिव्य आदेश को जीवन का संकल्प मानकर गुरुजी ने मंदिर स्थल की पहचान कर ली है और मंदिर निर्माण कार्य का शुभारम्भ 23 अप्रैल 2026 से हो चुका है। यह मंदिर केवल पूजा का स्थल नहीं होगा, बल्कि भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सेवा का केंद्र बनेगा। 

प्रस्तावित सुविधाएँ

**गुरुजी का मार्गदर्शन**

    गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी शिव शक्ति उपासक हैं और अपने अनुयायियों को जीवन के हर क्षेत्र में आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं। गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी मात्र फोटो देखकर ही भक्तों की समस्याओं का समाधान कर देते हैं। उनकी दिव्य दृष्टि से भक्तों को जीवन की समस्याओं का समाधान मिलता है और वे धर्म, अध्यात्म तथा साधना के मार्ग पर अग्रसर होते हैं। 

    गुरुजी के आशीर्वाद से भक्तों को यश, वैभव, लक्ष्मी और आरोग्य की प्राप्ति होती है। उनके प्रवचन, साधना और ध्यान से भक्तों को आनंद और परमानंद का अनुभव होता है। 

      अभी संपर्क करें