🛕 नया दिव्य पशुपतिनाथ मंदिर निर्माण – उत्तरकाशी "आइए मिलकर उत्तरकाशी में नया दिव्य पशुपतिनाथ मंदिर निर्माण में सहयोग करें।" Skip to main content
  • जय दुर्गे पशुपति ट्रस्ट 

    ·"आपका सहयोग बनेगा दिव्य मंदिर की नींवआइए मिलकर बनाएँ नया पशुपतिनाथ धाम"

    उत्तरकाशी की पवित्र भूमि पर नए पशुपतिनाथ मंदिर निर्माण में अपना योगदान दें और इस दिव्य कार्य का हिस्सा बनें

मंदिर निर्माण हेतुआह्वान!

उत्तरकाशी की पवित्र भूमि पर नया पशुपतिनाथ मंदिर निर्माणाधीन है।
इस मंदिर का उद्देश्य भगवान शिव-पशुपतिनाथ की महिमा को दूर-दूर तक फैलाना है। लेकिन इस दिव्य कार्य को पूर्ण करने के लिए हमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। मंदिर निर्माण में यथाशक्ति सहयोग करके पुण्य के भागी बनें । 


दान करें

"हर वर्ग फुट बनेगा आपकी आस्था की पहचान"

मंदिर निर्माण के लिए प्रति वर्ग फुट स्थान का दान करें

"मंदिर के हर स्तंभ में आपकी आस्था की शक्ति"

मंदिर निर्माण के लिए स्तंभ का दान करें

"मंदिर निर्माण में सामग्री दें, आस्था की मजबूत नींव बनाएं"

मंदिरनिर्माणकेलिएनिर्माणसामग्रीकादानकरें

"हर ईंट बनेगी आपकी श्रद्धा की नींव"

मंदिरनिर्माणकेलिएईंटोंकादानकरें


हमारे बारे में

जय दुर्गे पशुपति ट्रस्ट हिमालय की पावन भूमि उत्तरकाशी से संचालित है। यह ट्रस्ट पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही उस दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाता है जिसमें गंगोत्री गोमुख से अक्षय तृतीया के दिन गंगाजल कलश भरा जाता है और वर्षभर अखंड ज्योति के साथ पूजा की जाती है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यह कलश नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में जलाभिषेक हेतु पहुँचाया जाता है। यह परंपरा कई पीढ़ियों से निरंतर चली आ रही है और आज भी इसके निर्वाहक गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी हैं।


गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी और उनके पूर्वज कई पीढ़ियों से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के राजपुरोहित रहे हैं। वे इस गौरवशाली परंपरा और सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं।


गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी शिव शक्ति उपासक हैं और अपने अनुयायियों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनकी दिव्य दृष्टि से भक्तों को जीवन की समस्याओं का समाधान मिलता है। गुरुजी के आशीर्वाद से भक्तों को यश, वैभव, लक्ष्मी और आरोग्य की प्राप्ति होती है। उनके प्रवचन, साधना और ध्यान से भक्तों को आनंद और परमानंद का अनुभव होता है।


गुरुदेव महाराज महेन्द्र प्रसाद जी को एक दिव्य स्वप्न में भगवान शिव ने आदेश दिया कि उत्तरकाशी में उनके नाम से एक भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए। यह अब गुरुजी का आजीवन संकल्प और मिशन बन गया है। मंदिर का स्थल पहले ही चिन्हित किया जा चुका है और मई 2026 में भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह आयोजित होगा।


गुरुजी ने अपने अनुयायियों और भगवान शिव के भक्तों से आह्वान किया है कि वे इस दिव्य कार्य में सहयोग करें और उत्तरकाशी, उत्तराखंड में बनने वाले भव्य पशुपतिनाथ मंदिर के निर्माण में योगदान देकर पुण्य के भागी बनें।


प्रस्तावितमंदिरसुविधाएँ!

मीडिया गैलरी (Media Gallery) - मंदिर गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की फोटो और वीडियो - उपयोगकर्ता अपलोड (फोटो, वीडियो, टेक्स्ट, वॉइस नोट्स) - नियंत्रित सामुदायिक साझा मं