हमारे बारे में
हमारा मिशन
जय दुर्गे पशुपति ट्रस्ट उत्तरकाशी हिमालय, उत्तराखण्ड गंगा क्षेत्र, केदारनाथ बाईपास मार्ग, ग्राम वमंगांव (धनारी तहसील, डुंडा) में स्थित है। यह ट्रस्ट परम पूज्य ब्रह्मलीन लक्ष्मी नारायण महाराज की गद्दी पर आसीन परम पूज्य महाराज महेन्द्र प्रसाद जी के मार्गदर्शन में स्थापित किया गया। ट्रस्ट का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, मानवता की सेवा और आध्यात्मिक उन्नति के लिए एक दिव्य धाम का निर्माण करना है। यहाँ से श्रद्धालु गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और यमुनोत्री की चारधाम यात्रा के लिए भी प्रस्थान कर सकते हैं।
ट्रस्ट और संस्थान की मुख्य सेवाएँ एवं कार्यक्षेत्र:
- मंदिर निर्माण: जय दुर्गे पशुपति धाम का दिव्य एवं भव्य मंदिर (निर्माण प्रारम्भ: 23 अप्रैल 2026)।
- धार्मिक एवं आध्यात्मिक सेवा: पूजा, आराधना, ध्यान और साधना के लिए निश्चित स्थल उपलब्ध कराना।
- मानवता की सेवा: साधु-संतों, निराधार एवं असहाय जनों के लिए भोजन, भण्डारा और वस्त्र वितरण।
- पर्यावरण संरक्षण: वृक्षारोपण एवं पर्यावरण सुधार कार्यक्रम।
- यज्ञशाला एवं आश्रम: यज्ञशाला का निर्माण और भक्तों के लिए कॉटेज निर्माण।
- स्वास्थ्य सेवा: औषधि कक्ष एवं बेसिक चिकित्सालय की स्थापना।
- सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्य: धार्मिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन।
- सामाजिक सहयोग: असहाय बालिकाओं के विवाह हेतु सामूहिक विवाह सहायता।

जय दुर्गे पशुपति ट्रस्ट के कार्य
ट्रस्ट धार्मिक परंपरा, सामाजिक सेवा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन को एक साथ जोड़कर समाज और भक्तों की सेवा करता है।



